लोग क्यों कह रहे हैं, ऐलफिंस्टन रेलवे स्टेशन पर एक दिन ऐसा होना ही था?

मुंबई की लाइफ लाइन. लोकल ट्रेन. 29 सितंबर, 2017. ऐलफिंस्टन रेलवे स्टेशन. इस स्टेशन और परेल रेलवे स्टेशन को जोड़ने के ल

मुंबई की लाइफ लाइन. लोकल ट्रेन. 29 सितंबर, 2017. ऐलफिंस्टन रेलवे स्टेशन. इस स्टेशन और परेल रेलवे स्टेशन को जोड़ने के लिए एक पैदल पारपथ यानी फुटओवर ब्रिज है. इसी ब्रिज पर मची भगदड़ में 22 लोगों की मौत हुई है. 27 लोग जख्मी हुए हैं. हादसा सुबह 10.30 बजे के करीब हुआ. मुंबई के लिए ये एकदम व्यस्त टाइमिंग होती है. लोगों के दफ्तर जाने का वक्त होता है. इस इलाके में कई सारे दफ्तर भी हैं. आस-पास के इलाकों में लाखों लोग काम करते हैं. घायलों को किंग एडवर्ड मेमोरियल अस्पताल (KEM) में भर्ती कराया गया है. पुलिस ने लोगों से रक्तदान करने की अपील की है. वहां ए नेगेटिव, बी नेगेटिव और एबी नेगेटिव ब्लड ग्रुप के खून की ज्यादा जरूरत है.

 

ये ऐलफिंस्टन पुल काफी व्यस्त रहता है (फोटो: ट्विटर)

पुल पर रुके रहे लोग, बढ़ती गई भीड़

चश्मदीदों का कहना है कि बारिश के कारण काफी संख्या में लोग पुल पर ही रुके हुए थे. भीड़ बढ़ती जा रही थी. उधर, ट्रेन्स भी लगातार स्टेशन पर रुक रही थीं. उनसे उतरने वाले यात्रियों के कारण भीड़ और बढ़ती गई. इसी बीच, सेंट्रल लाइन और वेस्टर्न लाइन पर एक साथ दो-दो ट्रेन्स आईं. इसके कारण भीड़ और ज्यादा बढ़ गई. भगदड़ की शुरुआत तब हुई जब दो लोग पुल से नीचे गिरे. उस वक्त काफी तेज बारिश हो रही थी. एकदम से अफरातफरी मच गई. लोग एक-दूसरे के ऊपर चढ़कर, लोगों को कुचलकर आगे जाने लगे. ये पुल काफी संकरा है. भीड़ आमतौर पर बहुत ज्यादा होती है, लेकिन सीढ़ियां बहुत पतली हैं.

 

घायलों को लेकर जाते लोग.

हादसे के कुछ और ऐंगल भी सामने आ रहे हैं

1. लोगों को लगा कि पुल टूट गया

शुरुआत में ये बात आई कि ये सारा मामला अफवाह से शुरू हुआ. पुल पर सीमेंट के कुछ टुकड़े गिरे. कुछ लोगों को लगा कि ओवरपास पुल गिर गया है. लोग बदहवास हो गए. जान बचाने की कोशिश में भागने लगे. ताकि जल्द से जल्द पुल से नीचे उतर जाएं. इसी चक्कर में भगदड़ मच गई और लोग कुचल गए.

 

2. बारिश से बचने के चक्कर में हुई दुर्घटना!

कुछ लोगों ने कहा कि बारिश के कारण हादसा हुआ. उनके मुताबिक, एकाएक बारिश होने लगी. स्टेशन पर लोग बारिश खत्म होने का इंतजार कर रहे थे. फिर जैसे ही पानी बरसना बंद हुआ, लोग बाहर निकलने की जल्दबाजी दिखाने लगे. इसी चक्कर में भगदड़ मची और हादसा हुआ.

 

3. धमाके की आवाज से लोग डरे!

कुछ लोग ये भी कह रहे हैं कि फुटब्रिज के पास जोर के धमाके की आवाज आई थी. शायद कोई शॉर्ट-सर्किट हुआ था. लोग आवाज सुनकर डर गए और बदहवासी में दौड़ने लगे. अच्छी बात ये रही कि रेलवे और प्रशासन ने तत्परता दिखाई. राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया. घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया.

 इस हादसे की कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर हो रहे हैं. उनमें भी दिख रहा है कि पुल एकदम ठसाठस भरा है. लोग रेलिंग के बाहर लटके हुए हैं. कुछ लोग नीचे खड़े होकर वीडियो बना रहे हैं.

 

KEM अस्पताल में स्थिति का मुआयना करने के लिए नेता और अधिकारी पहुंच रहे हैं.

स्थानीय लोग कह रहे हैं: ये तो होना ही था


लोकल लोग नाराज हैं. कह रहे हैं, ऐसा तो एक न एक दिन होना ही था. लोगों का कहना है कि परेल और ऐलफिंस्टन स्टेशनों पर भीड़ कंट्रोल करने के लिए बेहतर सिस्टम लागू किए जाने की मांग काफी दिनों से हो रही थी. वैसा ही हुआ, जैसा हमेशा होता है. मांग तो हुई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. क्राउड मैनेजमेंट की अहमियत को नजरंदाज न किया होता, तो इतनी बड़ी भीड़ को पुल पर जमा ही नहीं होने दिया जाता.

 

दादार, चर्चगेट, विरार, अंधेरी, ठाणे, छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, बांद्रा, घाटकोपर, कुर्ला और बोरीवली मुंबई के सबसे व्यस्त स्टेशन हैं. चूंकि ऐलफिंस्टन स्टेशन पर सेंट्रल और वेस्टर्न लाइन्स का लिंक है, इसीलिए यहां भी खूब भीड़ होती है.

रेलवे स्टेशनों पर पहले भी हो चुकी है ऐसी भगदड़


10 फरवरी, 2013 को इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर ऐसी ही एक भगदड़ मची थी. कुंभ मेले का वक्त था. जांच रिपोर्ट के मुताबिक, एक ओवरब्रिज की रेलिंग टूटकर नीचे गिरी. फिर भगदड़ मच गई. हालांकि कुछ चश्मदीदों ने अलग बात कही थी. उनके मुताबिक, स्टेशन पर काफी भीड़ थी. पुलिस भीड़ को कंट्रोल करने की कोशिश कर रही थी. इसी चक्कर में कुछ पुलिसवालों ने लोगों पर डंडे चला दिए. फिर भागदौड़ मची और 42 लोगों की मौत हो गई.

 

अस्पताल के बाहर जमा लोग.

16 मई, 2010. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर ऐसी एक भगदड़ मची थी. इसमें दो लोगों की मौत हुई थी. स्टेशन पर ठसाठस भीड़ थी. बिहार जाने वाली संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को प्लेटफॉर्म नंबर 13 से रवाना होना था. एकाएक अनाउंस हुआ कि ट्रेन 12 नंबर प्लेटफॉर्म से जाएगी. ट्रेन को निकलने में कुछ ही मिनट बचे थे. हड़बड़ाए यात्री 12 नंबर प्लेटफॉर्म की ओर भागने लगे. इस चक्कर में भगदड़ मच गई.