ये इंजीनियर 'घमंडी कोहली' को सबक सिखाने के लिए कोच बनना चाहता है


टीम इंडिया के कोच का पद खाली है. देश के क्रिकेट बोर्ड ने इसके लिए आवेदन भी मांगे हैं. और जो लोग खुद को इस काबिल समझ

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टीम इंडिया के कोच का पद खाली है. देश के क्रिकेट बोर्ड ने इसके लिए आवेदन भी मांगे हैं. और जो लोग खुद को इस काबिल समझ रहे हैं, एप्लाई भी कर रहे हैं. पहले वीरेंद्र सहवाग का दो लाइन का एप्लीकेशन चर्चा में आया था. और अब एक इंजीनियर ने बिना किसी क्रिकेट बैकग्राउंड के, टीम का हेड कोच बनने की दावेदारी पेश की है. कारण दिया है- मैं टीम के कप्तान विराट कोहली को धरातल पर लाना चाहता हूं.

 

पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर उपेंद्र नाथ ब्रह्मचारी ने BCCI के ऑफिशियल मेल पर अपना रेज्यूमे भेजा है. इस लिखा है, “लेजेंडरी क्रिकेटर अनिल कुंबले के कोच पद से रिजाइन देने के बाद मैंने तय किया है कि मैं इसके लिए अप्लाई करूं क्योंकि मुझे लगता है कि कोहली को किसी लेजेंडरी कोच की जरूरत ही नहीं है.”  

एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम कर रहे इस इंजीनियर ने ये भी कहा है कि बतौर कोच वो कप्तान कोहली के ‘घमंडी स्वभाव’ के साथ एडजस्ट कर लेंगे औऱ धीरे-धीरे उन्हें लाइन पर भी ले आएंगे. “अगर क्रिकेट एडवाएजरी कमेटी किसी दूसरे बड़े खिलाड़ी को भी कोच बनाती है तो कोहली उनको भी ऐसे वैसे ही बेइज्जत करेंगे जैसे अनिल कुंबले को किया है.”

                                Upendra Nath Bramhachari    

इस एप्लीकेशन को सीरियली नहीं लिया जा सकता और अप्लाई करने वाले को भी ये पता है. उसका मकसद भी कोच बनना नहीं है. मगर अगर सोचा जाए तो ये उस इमेज का रिफलेक्शन है जो विराट कोहली के लिए पिछले दिनों बनी है. कोच-कप्तान के बीच ‘कौन किसकी बात मानेगा’ की लड़ाई के बीच कोहली की ये इमेज बनी है. पहले कमिटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर्स (COA)के रामचंद्र गुहा ने इस्तीफा देते हुए इस बात को हाइलाइट किया था कि कप्तान का मनमानी वाला रव्वैया मंजूर नहीं किया जा सकता और एक स्टूडेंट नहीं तय कर सकता है कि टीचर उसे कैसे पढ़ाएगा.


फिर खुद कोच अनिल कुंबले ने वेस्टइंडीज दौरे पर जाने की वजाए इस्तीफा ये कहकर दे दिया कि वे कप्तान से कई चीजों में सहमत नहीं हैं. कोहली अपनी मर्जी का कोच लाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं और अब टीम के डायरेक्टर रहे रवि शास्त्री ने भी कोच पद के लिए अपना एप्लीकेशन भेज कर इस बात को और पुख्ता कर दिया है. कोहली और शास्त्री की खूब बनती है. कोहली शुरू से चाह भी रहे थे कि शास्त्री ही बतौर कोच टीम के साथ रहें. मगर एक साल पहले जब उनका कॉन्ट्रेक्ट खत्म हुआ तो अनिल कुंबले को कोच बना दिया गया था.

 

हालांकि शास्त्री की जनवरी में ही CAC के मैंबर सौरव गांगुली के साथ तकरार हुई थी जब उन्होंने कोच पद के लिए एप्लीकेशन तो भेजा मगर खुद देश के बाहर छुट्टियां मना रहे थे और इंटरव्यू के लिए नहीं आए. स्काइप पर इंटरव्यू लेने से गांगुली ने मना कर दिया था. इस बार अगर शास्त्री कोच बनते हैं तो ये बात एक बार फिर क्लियर हो जाएगी कि टीम इंडिया में कोहली ही सब तय कर रहे हैं. साथ ही इंजीनियर की इस एप्लीकेशन से ये संदेश भी विराट कोहली तक पहुंचना ही चाहिए कि बतौर लीडर वे सबकी सुनें और आदर्श इमेज भी कायम करें.